रक्षा बंधन की धार्मिक व ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पूजन विधि

इस दिन बहनें ईश्वर से अपने भाई की कलाई में मंगल कामना (दीर्घायु, सुख-समृद्धि आदि) करते हुए राखी या रक्षा सूत्र बांधती है। भाई अपनी रक्षा सूत्र बांधने पर बहनों वचन देतें हैं की, वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करेंगे, हर विपत्ति-बाधा से बहन की रक्षा करेंगेMore

क्या है वैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंग की कथा? क्या है, कामना लिंग का देवघर में स्थापित होने का रहस्य जानें हिन्दी में ?

झारखंड, देवघर स्थित वैद्यनाथ धाम या वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग ऐसा ज्योतिर्लिंग है, जहां पर भगवान शिव और शक्ति दोनों विराजमान है। भगवान भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंगों में से 9वां ज्योतिर्लिंग है। इस ज्योतिर्लिंग को कामना लिंग भी कहा जाता है, और मान्यता है कि, यहां आने वाले हर भक्त की देवाधिदेव महादेव के दर्शन मात्र से हर कामना पूर्ण होती है।More

्यों की जाती है गोवर्धन की परिक्रमा और पूजा? गोवर्धन की ब्रज में उत्पत्ति की क्या कहानी? क्या है तिलतिल कम होते गोवर्धन पर्वत का रहस्य?

क्यों की जाती है गोवर्धन की परिक्रमा और पूजा? गोवर्धन की ब्रज में उत्पत्ति की क्या कहानी? क्या है तिल-तिल कम होते गोवर्धन पर्वत का रहस्य?More

भगवान परशुराम कौन थे? क्यों अपनी ही माता का वध किया परशुरामजी ने ? किसने विवश किया परशुराम को अपनी ही माता का वध करने के लिए?

परशुराम जी भगवान विष्णु के छठे अवतार थे। वे त्रेतायुग  ऋषि जमदग्नि और देवी रेणुका के यहाँ जन्में थे। परशुराम विष्णु जी के उग्र अवतार  है। परशुराम से बड़े उनके चार भाई थे। परशुरामजी माता-पिता के सबसे छोटी संतान थे और बहुत ही आज्ञाकारी थे |More

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शक्ति पीठ छिन्नमस्तिका शक्तिपीठ रजरप्पा का संपूर्ण विवरण। दस महाविद्याओं का रहस्य। सिर कटी देवी का रहस्य

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शक्ति पीठ छिन्नमस्तिका शक्तिपीठ रजरप्पा का संपूर्ण विवरण। दस महाविद्याओं का रहस्य। सिर कटी देवी का रहस्यMore

सोमवती अमावस्या । वट सावित्री व्रत कथा । महत्व । वट सावित्री पूजन सामाग्री। वट सावित्री पूजन विधि

सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या सोमवती अमावस्या कहलाती है। प्रत्येक मास एक अमावस्या आती है और प्रत्येक सात दिन बाद एक सोमवार। परन्तु ऐसा बहुत ही कम होता है जब अमावस्या सोमवार के दिन हो। वर्ष में कई बार सोमवती अमावस्या आती रहती है।
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जानकी नवमी । सीता नवमी । देवी सीता जन्म रहस्य ।

जानकी नवमी । सीता नवमी । देवी सीता जन्म रहस्य । हल का अग्रभाग, जिसे ‘सित’ कहते हैं, उससे लगने से उत्पन्न होने के कारण,  कन्या का नाम ‘सीता’ रखा गया था। साक्षात श्री लक्ष्मी के आगमन से प्रकृति भी झूम उठी, वर्षा देवी के पग पखारने आ गई। More

आस्था का प्रतीक प्राचीन देवड़ी मंदिर (700 वर्ष पुराना मंदिर, रांची, झारखंड)

झारखंड की राजधानी रांची से तकरीबन 60 किमी दूर (दक्षिणी दिशा की ओर) तमाड़ गांव में जमशेदपुर-रांची हाईवे (NH- 33) में स्थित है। आस्था और श्रद्धा का प्रतीक प्राचीन देवड़ी मंदिर More